Saturday, September 8, 2018

सिद्ध सिद्धांत पद्धति महायोगी गुरु गोरखनाथ जी के ग्रंथ का सार

सिद्ध सिद्धांत पद्धति का अर्थ है कि प्रत्यक्ष अनुभूत सत्य के निश्चित मत का सूक्ष्म मार्ग एकांत स्थान में गुरु के द्वारा निर्दिष्ट साधना के आश्रयण, से गहन ध्यानावस्था में स्थित रहने से उसका अनुभव होने लगता है तथा इसका समापन पूर्णता अथवा समाधि में होता है

सिद्ध सिद्धांत पद्धति में छह विषयों पर गहन विचार विचार किया गया है
1.पिण्ड की उत्पत्ति

2.पिण्ड विचार

3.पिण्ड ज्ञान

4.पिण्ड के आधार

5.पिण्ड पद का समरस भाव

6.एवं अवधूत योगी के लक्षण अधिकारी एवं अनाधिकारी शिष्य

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कयास

 कयास शब्द अरबी भाषा से लिया गया है जिसका अर्थ है    माप