श्री परमहंस स्वामी श्री अड़ गड़ा नंद जी महाराज
सद्गुरु कौन है? सद्गुरु के क्या लक्षण है? इस संदर्भ में सिद्ध सिद्धांत पद्धति गोरखनाथ रचित ग्रंथ में पंचम उपदेश में सद्गुरु के लक्षण पर 67 वां 68 वां श्लोक है।
जो केवल उपदेश मात्र से अनुग्रह मई दृष्टि, करुणा की सतत वर्षा करते हुए शिव स्वरूप परम पद का प्रकाशन कर शिष्य के 8 पाशों का नाश कर दे तथा उसे स्वरूपानंद में प्रतिष्ठित कर दे वही सद्गुरु है।
जो केवल उपदेश मात्र से अनुग्रह मई दृष्टि, करुणा की सतत वर्षा करते हुए शिव स्वरूप परम पद का प्रकाशन कर शिष्य के 8 पाशों का नाश कर दे तथा उसे स्वरूपानंद में प्रतिष्ठित कर दे वही सद्गुरु है।
8 पाश यानी बंधन पाश का अर्थ होता है बंधन
पहला जरा
दूसरा जन्म
तीसरा मरण
चौथा व्याधि
पहला जरा
दूसरा जन्म
तीसरा मरण
चौथा व्याधि
पांचवा धाम
छठा क्रोध
7वां अभिमान
छठा क्रोध
7वां अभिमान
आठवां अविद्या

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