Saturday, September 29, 2018

निजा शक्ति के पांच गुण

निजा शक्ति के 5 गुण नित्यता निरंजन ता निस्पंदता निराभासता एवं निरुतथानता गुण का अर्थ होता है स्वभाव और धर्म धर्म का मतलब है कि धारण करना उस के क्या गुण हैं यह दोनों पर्यायवाची शब्द है 1 नित्यता का अर्थ है तीनों कालों में निजा शक्ति का कभी नाश नहीं होता है निरंजन ता का अर्थ है की इसमें काम क्रोध लोभ मो ह राग द्वेष विकार का सर्वथा अभाव रहता है स्पंदन का अर्थ चंचलता उसका अभाव अर्थात चंचलता का अभाव ही निस्पंद ता है निरा भास ता यह भेद रहित एवं प्रतिबिंब रहित है आभास कहते हैं प्रतिबिंब को निरुता नता यह निरुक्त स्थान ता निजा शक्ति का परिणाम रोहित है इसमें श्रेष्ठ का भान नहीं रहता यह सिम में उसी प्रकार अभिनय स्वरूप अर्थ एवं अभिव्यक्त है जैसे चंद्रमा से चांदनी अभिव्यक्त होती है यह पांचों गुणधर्म अवस्था या स्वभाव परमेश्वर आदिनाथ की शक्ति सदा सर्वदा नित्य विद्यमान रहते हैं

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कयास

 कयास शब्द अरबी भाषा से लिया गया है जिसका अर्थ है    माप