विद्वानों ने कहा है की निजा पारा अपरा सूक्ष्मा अपरा सूक्ष्मा एवं कुंडलिनी in5 शक्तियों में शक्ति चक्र क्रम सद द्वारा सदाशिव प्रकट होते हैं प्रत्येक शब्द के विकास से प्रत्येक पिंड आवेलु भूत होता है इन 5 विंडो के अधिष्ठाता के रूप में 5 दिन होते हैं यही शक्ति चक्र क्रम है शक्ति चक्र त्रिकोण में बिंदु रहता है बिंदु से आशा है विकृत कारण आदिनाथ परमेश्वर परब्रह्म शिव या सदाशिव की सख्त के विकास काल में यह शक्ति इक्षा ज्ञान एवं क्रिया का रूप धारण करती है इन तीनों गौरी लक्ष्मी एवं सरस्वती रूप शक्तियों से उस सर्वव्यापक परमेश्वर शिव का आविर्भाव होता है
Saturday, September 29, 2018
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कयास
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