Wednesday, March 25, 2020

ज्वालामुखी

 ज्वालामुखी सामान्यता एक वृत्ताकार क्षेत्र अथवा दरार के रूप में प्रारंभ होता है कुरुक्षेत्र का संबंध भूगर्भ में अति गहराई से रहता है बेकरी उद्योग से इस क्षेत्र की रचना होती है इस क्षेत्र से भीतरी गर्म लावा तत्त्व से उपवास तथा अन्य सेल पदार्थ बाहर निकलते हैं ज्वालामुखी का क्षेत्र खता चितईपुर 100 फुट से अधिक व्यास का होता है इसको प्लाजा ज्वालामुखी नदी कहा जाता है इस नदी के ऊपरी भाग को ज्वालामुखी कहते हैं उद्भेदन के समय ज्वालामुखी से निकला हुआ पदार्थ आसपास जमा होता है जिससे वहां पर उनका निर्माण हो जाता है कभी-कभी यह भी हो सकते हैं ज्वालामुखी पर्वत कहते हैं कई बार ज्वालामुखी के होते हैं ज्वालामुखी के रूप में मिलते हैं कि नहीं


 ज्वालामुखी उद्गार से निकलने वाले पदार्थ

ज्वालामुखी उद्गार से निकलने वाले पदार्थों में ठोस पदार्थ तरल पदार्थ  गैस युक्त पदार्थ निकलते हैं

ठोस पदार्थ यस एल खंड वाले होते हैं इनमें सूट मुकड वाले ज्वालामुखी धूल राजा सुपारी के आकार के दाने केक के आकार के कारण इस कोरिया कोरिया का का संगठित रूप ग्रेसिया राख के संगठन के बने टुकड़े तक कई मीटर व्यास के शिलाखंड ज्वालामुखी बम के साथ गैस के बुलबुलों से निर्मित क्षेत्र में प्रदान पझमकयहज्वालामुक्षिप्त कहलाते हैं

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कयास

 कयास शब्द अरबी भाषा से लिया गया है जिसका अर्थ है    माप