Thursday, July 5, 2018

योगदर्शन के विषय में

योगदर्शन के प्रणेता- महर्षि पतंजलि

योगदर्शन में कुल चार पाद है। पाद का अर्थ है"अध्याय"
1. समाधिपाद
2.साधनपाद
3 विभूतिपाद
4 कैवल्यपाद
   इस ग्रन्थ में योग का सविस्तार छोटे श्लोक मे वर्णन है।
चित्तवृत्तियों
अष्टांगयोग
क्रियायोग
       आदि का वर्णन इसी ग्रन्थ में है।

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कयास

 कयास शब्द अरबी भाषा से लिया गया है जिसका अर्थ है    माप